indiantreasure Total Post View :- 557

बच्चों में निर्मित करें सदाचरण

बच्चों को जन्म से ही जो चीजें /बातें दिखाई व सुनाई देती हैं वही उसके बालमन में आकार ग्रहण करती जाती हैं आइए जानते हैं वे बातें क्या है,

1. घरों में बुजुर्गों की निंदा बच्चों के सामने कदापि न करें।

2.अतिथियों या किसी के भी घर मे अनायास आ जाने पर आने वाले की उपेक्षा न करें,एवम झूठ न कहें कि आप घर पर नही है।

3.अपने घर के कर्मचारियों से विनम्र व्यवहार करें।

4.अपने घर के कुछ नियम बनाएं जैसे सभी को समय पर उठना, नहाना,पूजा करना,है। बाहर की चप्पलें अंदर नही लाना है। पूजा कमरे की ,व रसोई की पवित्रता रखना है।

5.चीजों को उनकी जगह पर ही रखना है।

6.अपशब्दों का उपयोग नही करना है।आपस मे धीरे से व आदरसूचक शब्दों का उपयोग करना है।

7.घर के प्रत्येक सदस्य को किसी भी एक कार्य की जिम्मेदारी देनी चाहिए।जैसे बहुत छोटे बच्चे हैं तो भी निश्चित समय मे एक कार्य जरूर नियमित करवाये जैसे किसी कमरे की लाइट जलाए या बंद करें या एक साल का बच्चा है तो उसे एक पुस्तक रोज एक निश्चित स्थान में सोने के पहले रखवाएं।इस तरह रोज किसी काम को तब तक बच्चे से करवाएं जब तक बच्चा स्वयं उस कार्य को बिना कहे अपने निश्चित समय मे पूरा न करने लगे।इस तरह से बच्चे में कार्य के प्रति जिम्मेदारी का संस्कार पैदा हो जाएगा।उम्र के साथ उसके द्वारा किये जा रहे कार्यों की संख्या बढ़ाते जाएं।इस तरह आप घर के प्रति बच्चे को जिम्मेदार बना लेंगे।

8.बच्चों के सामने कदापि मोबाईल का उपयोग मनोरंजन के लिए न करें। वाट्सअप, फ़ेसबुक आदि न चलाये वरना आप अपने बच्चों को कभी भी ऐसा करने से रोक नही पायेंगे।

9.बच्चों के सभी कार्य उनके साथ मिलकर आप स्वयं करें।

10.बच्चों को परिवार के बुजुर्गों के सेवा कार्य की जिम्मेदारी दें और उसे पूरा करने में प्रेरित करें व सहयोग करें।

        निश्चित ही उपरोक्त कार्यों से बच्चों को कुछ हद तक सदाचारी व जिम्मेदार बनाया जा सकता है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!