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11 Gaudaan Benefits In Hindi ; गौ दान करने की विधि व फल

11 gaudaan benefits in hindi ; गौ दान करने की विधि व फल- भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं महाराजा युधिष्ठिर को गौ दान के महत्व बताए थे। गौ, भूमि और सरस्वती (विद्या) यह तीनों दान सभी दानों में श्रेष्ठ एवं मुख्य है।

गाय, भूमि और विद्या यह समान नाम वाले हैं । इन तीनों के दान करने का फल एक समान है । क्योंकि यह तीनों मनुष्य की संपूर्ण कामनाएं पूर्ण करती हैं। उपरोक्त तीनों दानों में गौ दान (gaudaan) को श्रेष्ठ कहा गया है।

गाय संपूर्ण प्राणियों की माता कहलाती हैं। वह सब को सुख पहुंचाती हैं। जिन्हें अपने अभ्युदय की इच्छा है उन्हें गौ माता की नित्य प्रदक्षिणा करनी चाहिए । गौएँ मंगल की आधारभूत देवियाँ है। अतः इन की सदा पूजा करनी चाहिए।

आज हम आपको गौ दान (gaudaan) करने की विधि और इससे प्राप्त होने वाले लाभ के बारे में बताएंगे।

गौ दान करने योग्य गाय कैसी होनी चाहिए – How Should A Cow Be Eligible For Gaudaan?

  • स्वस्थ, सुंदर, बछड़े सहित, दूध देने वाली गाय का दान (gaudaan) करना चाहिए ।
  • न्याय पूर्वक कमाए हुए धन से प्राप्त गाय ही दान करनी चाहिए।
  • गाय हमेशा श्रेष्ठ ब्राम्हण को देनी चाहिए। जो गाय की श्रद्धा पूर्वक सेवा और पालन पोषण कर सकें।
  • वृद्धा, बीमार, बांझ, अंगहीन गाय का दान कभी नहीं करना चाहिए।
  • जिसका बछड़ा मर गया हो, जो दूध नहीं देती हो (दुग्ध रहित) ऐसी गाय का दान नहीं करना चाहिए।
  • अन्याय पूर्वक प्राप्त की गई गाय का दान नहीं करना चाहिए ।

गौ दान करने की विधि|Gaudaan method

  • गौ दान (gaudaan) करने के लिए किसी पुण्यतथि को नहा कर तर्पण करें।
  • उसके बाद भगवान शिव और विष्णु का दूध और घी से अभिषेक करें।
  • गाय को भी अच्छे से नहला धुला कर वस्त्र और आभूषण पहना कर सुंदर सज्जित करें।
  • गाय के सींग को सोने से मढ़वाएँ और खुर को चांदी से सजाएं।
  • इस प्रकार सोने के सींगयुक्त और चांदी के खुर वाली गाय दान करना चाहिए ।
  • दान करने के लिए गाय के साथ कांसे का पात्र जिसमें दूध दोहन किया जाता है भी रखना चाहिए।
  • अब सवत्सा गाय का पुष्प आदि से अच्छी तरह पूजन करें।
  • गाय को पूर्व या उत्तर की ओर मुख करने के बाद दक्षिणा सहित ब्राम्हण को उस का दान करना चाहिए।
  • प्रार्थना पूर्वक गाय की प्रदक्षिणा करनी चाहिए।
  • गाय की पूंछ, हाथी की सूंड तथा घोड़े का कान पकड़कर दान करना चाहिए।
  • जब ब्राम्हण गाय लेकर जाने लगे तो उसके पीछे-पीछे 10 कदम तक जाना चाहिए।
  • इस प्रकार जो व्यक्ति विधिपूर्वक गाय का दान (gaudaan) करते हैं, उन्हें सभी प्रकार के अभीष्ट फल प्राप्त होते हैं।

गौ दान करने का फल |Benefits Of Gaudaan

  1. गायों के दुहने, पृथ्वी को जोतकर अन्न उपजाने तथा विद्या के पठन-पाठन से 7 कुलों का उद्धार होता है।
  2. गौ दान करने से समस्त इच्छित फल प्राप्त होते हैं।
  3. सात जन्मों में किए गए पाप का गौ दान (gaudaan) करते ही उसी क्षण नाश हो जाता है।
  4. शास्त्रों के अनुसार गौ दान करने वाला चतुर्दश इन्द्रों के समान अर्थात एक कल्प तक स्वर्ग का सुख भोगता है ।
  5. गौ दान ही एक मात्र ऐसा दान है जो जन्म जन्मांतर तक फल देता रहता है ।
  6. अग्नि पुराण के अनुसार गाय में सभी देवताओं का निवास होने से इसका दान अत्यंत पुण्य कारी है ।
  7. गांव का दान सब प्रकार से मंगल दायक है यह दुर्गम संकट से रक्षा करता है दुष्कर्म से बचाता है साथ ही समस्त पाप समूह से भी छुटकारा दिलाने में सहायक होता है ।
  8. जो लोग विधिपूर्वक गांव का दान करते हैं वह इस लोक और परलोक में दोनों में विजय पाते हैं।
  9. गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के पश्चात गौ माता की पूंछ पकड़कर वैतरणी नदी पार हो जाती है।
  10. मत्स्य पुराण के अनुसार उभय मुखी गौ को दान करने वाले को संपूर्ण पृथ्वी के दान का फल प्राप्त होता है।
  11. वह देवलोक में पूजित होता है और पितरों का उद्धार करता है । उसे गोलोक और ब्रह्म लोक सुलभ हो जाते हैं।

एक निवेदन

हमारी सनातन संस्कृति में गाय की पूजा की जाती है और माता का दर्जा दिया जाता है। जो भी व्यक्ति अपने जीवन में उन्नति करना चाहता है उसे गौ सेवा अवश्य करनी चाहिए। गाय को रोटी देना, पानी देना, सेवा करना उत्तम आचरण है।

ऐसा माना जाता है कि गाय जिस स्थान में बैठती है,वह स्थान पवित्र हो जाता है । उस स्थान से सारी विपदा दूर हो जाती है । अतः गाय को अपने दरवाजे से कभी भी खाली ना लौटने दे। ना ही गाय को कभी मारे।

हमेशा गाय का आदर सत्कार करें। यह एकमात्र पूजनीय प्राणी है, जो समस्त सुख और सिद्धि को देने वाली है । प्रतिदिन गाय की प्रदक्षिणा करने से जीवन में उन्नति होती है। और भाग्योदय होने लगता है । अतः अपने जीवन में एक बार अवश्य गौ दान करना चाहिए ।

आशा है आपको 11 Gaudaan Benefits In Hindi ; गौ दान करने की विधि व फल संबंधी यह लेख आपको अवश्य पसंद आया होगा। इसे अपने परिवार, संबंधी व मित्र जनों में अवश्य प्रेषित करें, ताकि वे आप से प्रेरणा लेकर गौ दान वह गौ सेवा के लिए प्रेरणा प्राप्त कर सकें ।

अपना कीमती समय निकाल कर हमारे लेख को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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