स्प्राउट खाने का तरीका ; गलत तरीके से खाने पर होती है ये बीमारी ! Total Post View :- 995

स्प्राउट खाने का तरीका ; गलत तरीके से खाने पर होती है ये बीमारी !

अंकुरित अन्न ( स्प्राउट ) को खाने का सही तरीका सभी नहीं जानते हैं। क्या आपने भी अपने जीवन शैली में स्प्राउट को स्थान दिया हुआ है ? और क्या आप इसे खाने का सही तरीका जानते हैं ? आज इस लेख को पढ़कर आप अपना आकलन स्वयं कर सकते हैं। तथा अपने तरीके में सुधार लाकर स्प्राउट के संपूर्ण फायदे प्राप्त कर सकते हैं।

तो आइए आज हम जानेंगे स्प्राउट क्या है, इसे खाने के फायदे, नुकसान व इसे खाने का सही समय और सही तरीका क्या है। तो बिना देर किए आइए शुरू करते हैं

स्प्राउट क्या है !

  • मूंग, चना, मूंगफली, मोठ आदि साबुत अन्न को 12 घंटे पानी में भिगोने के बाद ,
  • एक कपड़े की पोटली में बांधकर रखा जाता है।
  • जिसमें 8 से 10 घंटे में अंकुरण की प्रक्रिया होने लगती है।
  • जो 12- 13 घंटों में अच्छी तरह अंकुरित हो जाते हैं इन्हें ही अंकुरित अन्न या स्प्राउट कहा जाता है।

स्प्राउट खाने के फायदे !

  • यह बहुत ही पौष्टिक आहार होता है। इसे जीवित अन्न भी कहते हैं।
  • एंटी ऑक्सीडेंट होने की वजह से इसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है।
  • यह फास्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और जिंक का स्रोत होता है।
  • इसमें विटामिन ए, बी, सी और ई भरपूर मात्रा में होता है।
  • इसे सही तरीके से खाने से शरीर की कमजोरी दूर होती है तथा कब्ज की समस्या से मुक्ति मिलती है।
  • शरीर से बुढ़ापे को दूर करता है तथा इसमें पाए जाने वाला लवण शरीर की अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।
  • इसे खाने से शरीर में चुस्ती फुर्ती बनी रहती है।

स्प्राउट खाने के नुकसान !

  • वैसे तो स्प्राउट बहुत ही हेल्दी होते हैं ।
  • किंतु इनके खाने का एक उचित समय होता है और एक उचित तरीका भी होता है।
  • गलत तरीके से, गलत समय पर खाये जाने पर यह शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक हो जाता है।
  • खाते समय इसकी मात्रा पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। यह अधिक मात्रा में नहीं खाया जाता।
  • इसे अपनी पाचन शक्ति के अनुसार एक से दो चाय चम्मच बराबर ही खाना चाहिए।
  • अन्यथा अपच व गैस की समस्या होने लगती है। इसे गैसीफूड भी कहते हैं।
  • जिस से सिर दर्द, चक्कर आना और कब्ज होना जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।

स्प्राउट खाने का सही समय क्या है?

  • यह हैवी होता है अतः इसे खाने का उपयुक्त समय सुबह 7:00 से 9:00 तक का होता है।
  • इस समय हमारी पाचन अग्नि तीव्रता से जलती है । जो किसी भी अन्न को पचाने की सामर्थ्य रखती है।
  • जैसे-जैसे समय बढ़ता जाता है हमारी पाचन अग्नि धीमी होती जाती है।
  • और भोजन के पचने की प्रक्रिया भी धीमी होने लगती है ।
  • अतः कोई भी भारी फूड कभी भी सुबह के समय ही खाना चाहिए ।

स्प्राउट खाने का सही तरीका क्या है !

  • इसकी प्रकृति भले ही कितनी भी पोषक क्यों ना हो किंतु यह बहुत ही नाजुक होता है।
  • अर्थात इसे अंकुरण के पश्चात पकाने से या उबालने से इसके सारे पोषक तत्व समाप्त हो जाते हैं।
  • और इसके कोई भी फायदे आपके शरीर को प्राप्त नहीं हो पाते । अतः इसे कच्चा ही खाना चाहिए ।
  • स्प्राउट को कभी भी पके हुए अन्न के साथ सब्जी या भोजन में मिलाकर नहीं खाना चाहिए।
  • इसे हमेशा भोजन के पहले सलाद के रूप में ही खाना चाहिए।
  • इसके अच्छे परिणाम पाने के लिए इसे सुबह 9:00 बजे तक हर स्थिति में खा लेना चाहिए।

आशा है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी ।आज आपने स्प्राउट क्या होता है, इसके फायदे और नुकसान क्या है। तथा इसे खाने का सही समय और स्प्राउट खाने का सही का तरीका क्या है इसके बारे में जाना।

इस तरह स्प्राउट को अपने भोजन में शामिल करके आप स्वस्थ और हैल्दी जीवन पा सकते हैं। ऐसी ही अन्य जानकारियों के लिए देखते रहें आपकी अपनी वेबसाइट

http://Indiantreasure.in

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