विपरीत समय में कैसे खुश रहें Total Post View :- 1841

विपरीत समय कैसे बिताएं ?

समय मूल्यवान है

जी हाँ ! आप दुखी हैं ! परेशान हैं ! पर यकीन मानिए की आप अकेले दुखी नहीं हैं ।

मैंने देखा है, गरीब बच्चों को जिनके पास एंड्रॉइड मोबाइल नहीं है और स्कूल ऑनलाइन हो गए है।

मैंने देखा है उन मजदूरों को जिनके घर चूल्हों में आग तो है, पर पकाने को अन्न नही है।

मैंने उन्हें भी सुना जिन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। जिनके पत्नी बच्चे आज भी समझ रहें है, कि पापा काम मे गए हैं। वे काम की तलाश में भटक रहे है।

मैंने उनके बारे में भी पढ़ा है, जिन्होंने बड़े संघर्षों से बड़ी बड़ी डिग्रियां हासिल की और साहब भी कहलाये । वे आज सब्जियो का ठेला लगा रहे है।

सभी के पास हमेशा सीमित समय होता है, और समय बदलता रहता है , उसका सही उपयोग कीजिये।

समय कम है !

आज बच्चे ऑनलाइन अध्ययन के कारण समय को पकड़ नहीं पा रहे समय को समझ भी नहीं पा रहे उनका छोटा सा मन इस चीज को समझने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है कि यह समय कठिन कैसे हैं !

यह तो उनके आनंद का समय हो गया कि स्कूल नहीं जाना । टीचर्स के सामने कोई कॉपी चेक नहीं कराना कोई होमवर्क नहीं करना ।

तो ऐसे में बच्चे थोड़ी से बिंदास और लापरवाह हो गए हैं । किन्तु समय कभी रुकता नही यह आगे बढ़ता रहता है। अतः प्रयासों में कमी न करें ।

अवसर व समय जीवन मे कम ही मिलते हैं। समय मिला है, जीवन को निखारिये ।

समय बड़ा अनमोल है !

अर्थात समय कितना भी कठिन क्यों ना हो आप अपने अनमोल समय को यूं ही व्यर्थ ना करें क्योंकि एक बार समय हाथ से फिसल जाता है तो फिर कभी लौट कर पुराना समय वापस नहीं आता फिर उसके लिए आप चाहे कितना ही पैसा भी क्यों ना खर्च कर ले।

कठिन समय हमेशा एक परीक्षक की तरह होता है जो हमारी योग्यताओं को और हमारे कर्मठता को परखने के लिए आता है ।

जो व्यक्ति ऐसे कठिन समय में धैर्य के साथ और लगन के साथ अपने लक्ष्य को निरंतरता बनाए रखता है वही जीतता है ।

निराश न हों !

किंतु जो व्यक्ति ऐसे समय में दुखी होकर निराश होकर बैठ जाता है या लापरवाही में समय को व्यतीत कर देता है ,उसको समय भी भुला देता है।

समय अच्छा हो या बुरा तो पंख लगा के उड़ जाता है अर्थात बहुत तेजी से बीत जाता है । इसीलिए हमेशा समय से आगे ही रहना चाहिए ।

अपने प्रत्येक कार्य को समय से पूर्व ही पूर्ण करने का प्रयास करें और इस प्रकार समय को अपने हाथ से कभी भी उड़ने ना दें उसके पंखों को आप काट डालें, वरना बाद में पछताना पड़ता है।

अच्छा या बुरा समय प्रत्येक मनुष्य के जीवन में कुछ समय के लिए ही आता है और समय प्रतिपल गुजरता जाता है जो समय आज है वह निश्चित ही कल नहीं रहेगा।

और क्या पता कल कुछ करने के लिए आपके पास समय ही ना रहे इसीलिए समय बड़ा अनमोल है इसे पहचाने और समय से हर कार्य निपटाने का प्रयास करें।

विपत्तियों से न घबराएं !

Life = जीवन, Adversity = विपत्ति

यह समय किसी के लिए भूख की पीड़ा, किसी के लिए मानसिक कष्ट , किसी के लिए बेरोजगारी , किसी के लिए शिक्षा का अंत , किसी के लिए जीवन का अंत और किसी के लिए प्रगति के अंत को लेकर आया है ।

किंतु हर परिवर्तन एक नई घटनाओं को जन्म देता है यही परिवर्तन काल या पुनर्जागरण काल कहलाता है और इस परिवर्तन काल में बहुत सी होनी अनहोनी घटनाएं होती हैं। जो हमें इस परिवर्तन काल की हमेशा याद दिलाए रखती हैं ।

किंतु यह भी सत्य है कि जो इस परिवर्तन काल को समझ लेते हैं , वह इस समय का सदुपयोग करते हैं किंतु जो इस समय को आनंद मनोरंजन मस्ती लापरवाही और बेफिक्री में बिताते हैं वही समय के शिकार होते हैं।

अतः इस परिवर्तन काल की विपत्तियों से घबराए नहीं समय को समझे और निश्चित ही यह समय प्रत्येक व्यक्ति के अंदर की छुपी हुई प्रतिभाओं योग्यताओं, कलाओं और दक्षता को निखारने वाला समय है।

समय का सदुपयोग करें

इतिहास गवाह है कि जब भी मनुष्य को कहीं कैद किया गया है तो उसके ओज और तेज को और अधिक बल मिला है। तभी तो कैद में रहने वाले नेताओं ने बड़ी-बड़ी पुस्तकें लिख डाली।

यूरोप में महामारी प्लेग का प्रकोप

यूरोप में महामारी (ब्लैक डेथ) के बाद एक रचनात्मक काल आया था, जिसे पुनर्जागरण (रेनासं) कहा गया था। इस समय बहुत सी प्रसिद्ध कलाकृतियाँ, चित्र, साहित्य आदि की रचना हुई थी।

महान कलाकर लिओनार्दो-दा-विंची,माइकल एंजेलो, वैह्न गोग आदि इसी वक्त की देन हैं। शेक्सपीयर ने अपनी कृति किंग लीयर क्वारंटीन में रहकर ही लिखी थी। दांते की किताब “दा डिवाईन काॅमेडी” भी इसी समय में लिखी गयी।

बहुत बड़े-बड़े काव्य इसी परिवर्तन काल की देन है बड़े-बड़े ग्रंथ भी इसी परिवर्तन काल की देन है । आज यह जो परिवर्तन काल आया है यह निश्चित ही प्रतिभाशाली लोगों की छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने वाला भी है ।

इसीलिए कठिनाइयों से दुखों से तकलीफों से घबराए नहीं ।एक दूसरे की मदद करते हुए इस समय को पकड़ने का प्रयास करें और सभी का मनोबल बढ़ाते हुए समय के साथ पंख लगाकर उड़ते रहे ।

समय बदलता अवश्य है !

भाग्य का सूरज अवश्य उदित होगा

क्या पता किसमे कौन सा कलाकार छुपा बैठा है, जो आपके मनोबल व सहयोग से निखर जाए। समय अच्छा हो या बुरा , कभी स्थिर नही रहता । यह भी गुजर जाएगा।

?यह आलेख पूर्णतः मौलिक व स्वरचित है।

✍️श्रीमती रेखा दीक्षित एडवोकेट,सहस्त्रधारा रोड देवदर्रा मण्डला।

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27 thoughts on “विपरीत समय कैसे बिताएं ?

  1. बहुत बढ़िया!!अनुकरणीय!!समय महत्वपूर्ण होता है !!

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