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रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021 ; 50 सालों में पड़ रहा अद्भुत संयोग !

रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021 ; 50 सालों में पड़ रहा अद्भुत संयोग ! रक्षाबंधन रक्षा व भावना का त्यौहार है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधकर अपनी रक्षा का दायित्व भाई को सौंपती हैं और भाई अपनी बहनों को उपहार से सम्मानित करके उनकी रक्षा का दायित्व स्वीकार करते हैं। आज आपको रक्षबन्धन क्यों मनाते है , मुहूर्त कब है , शुभ संयोग क्या है बताएगें !

  • रक्षाबंधन क्यों मनाते हैं (कथा)।
  • रक्षा सूत्र बांधने का नियम क्या है।
  • पहली राखी किसे बांधनी चाहिए।
  • वृक्ष रक्षा बंधन अवश्य करें।
  • पूजा (रक्षाबंधन) की थाली कैसे तैयार करें ।
  • तिलक का क्या महत्व है।
  • अक्षत क्यों लगाया जाता है ।
  • रक्षा सूत्र का क्या महत्व है ।
  • भाई की आरती क्यों उतारते हैं ।

रक्षाबंधन ( रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021) क्यों मनाते हैं

श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को रक्षाबन्धन का पर्व मनाया जाता है। इसमें पराह्नव्यापिनी तिथि ली जाती है।

यदि वह दो दिन हो या दोनों ही दिन न हो तो पूर्वा लेनी चाहिये।

यदि उस दिन भद्रा हो तो उसका त्याग कर देना चाहिये। इस बार रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021 को 50 सालों बाद

ऐसा शुभ संयोग आया है ,कि इसमें पूरे दिन भद्रा नहीं रहेगी और बहने पूरे दिन राखी बांध सकेंगी।

अतः पूरे दिन शुभ मुहूर्त रहेगा

इस व्रतके संदर्भ में यह कथा प्रचलित है –

प्राचीन काल में एक बार बारह वर्षों तक देवासुर संग्राम होता रहा, जिसमें देवता हार गए और

असुरों ने स्वर्गपर आधिपत्य कर लिया। दुःखी, पराजित और चिन्तित इन्द्र देवगुरु बृहस्पति के पास गये और

कहने लगे कि इस समय न तो मैं यहाँ ही सुरक्षित हूँ और न ही यहाँसे कहीं निकल ही सकता हूँ।

ऐसी दशा में मेरा युद्ध करना ही अनिवार्य है, जबकि अब तक के युद्धमें हमारी हार ही हुई है।

इस वार्तालाप को इन्द्राणी भी सुन रही थीं। उन्होंने कहा कि कल श्रावण शुक्ल पूर्णिमा है,

मैं विधानपूर्वक रक्षासूत्र तैयार करूँगी, उसे आप स्वस्ति-वाचनपूर्वक ब्राह्मणोंसे – बँधवा लीजियेगा।

इससे आप अवश्य विजयी होंगे। दूसरे दिन इन्द्र ने रक्षाविधान और स्वस्ति वाचन पूर्वक रक्षाबन्धन कराया।

जिसके प्रभावसे उनकी विजय हुई। तबसे यह पर्व मनाया जाने लगा।

इस दिन बहनें भाइयोंकी कलाई में रक्षासूत्र (राखी) बाँधती हैं।

रक्षा सूत्र बांधने का नियम क्या है !

इस व्रत का विधान इस प्रकार है कि इस दिन प्रात: स्नान करके देवता, पितर और ऋषियोंका तर्पण करे।

दोपहर के बाद ऊनी, सूती या रेशमी पीला वस्त्र लेकर उसमें सरसों, सुवर्ण, केसर, चन्दन, अक्षत,दूर्वा रखकर बाँध ले।

फिर गोबर से लिपे स्थान पर कलश स्थापना कर उस पर रक्षासूत्र रखकर उसका यथाविधि पूजन करे।

उसके बाद विद्वान् ब्राह्मण से रक्षासूत्र को दाहिने हाथ में बँधवाना चाहिये।

रक्षासूत्र बाँधते समय ब्राह्मण को निम्नलिखित मन्त्र पढ़ना चाहिये

“येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः ।

तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥

पहली राखी किस से बांधनी चाहिए !(रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021)

रक्षा सूत्र की पूजा करने के पश्चात सबसे पहली राखी भगवान श्रीगणेश को बांधनी चाहिए।

कभी भी देवताओं को राखी अर्पित करने के पश्चात ही अन्य रक्षाबंधन करना चाहिए।

आज के दिन प्रकृति को सर्वोपरि रखते हुए वृक्ष रक्षाबंधन अवश्य करें ।

पहले के समय में वृक्ष की पूजा करके वृक्ष को राखी बांधने का नियम था जो अब समाप्त हो चुका है ।

 

पूजा (रक्षबन्धन) की थाली कैसे तैयार करें !

सबसे पहले उसमें हल्दी, कुमकुम, अक्षत, रोली एवं भाई दूज का तिलक तैयार कर लें ।

जिसमें हल्दी और चूने का पानी मिलाकर व अष्टगन्ध मिलाकर तिलक तैयार किया जाता है ।

अक्षत में चावल के दाने टूटे हुए नही रहने चाहिए इसलिए उसका नाम अक्षत पड़ा है ।

पूजा की थाली तैयार होने के पश्चात सर्वप्रथम भगवान को तिलक किया जाए।

और भगवान को राखी बांधकर अपने अपने गुरु को राखी समर्पित करना चाहिए।

इसके पश्चात अपने भाइयों को तिलक करके राखी बांधकर मिठाई खिलाकर,

रुमाल और नारियल समर्पित करते हुए अपने रक्षा का दायित्व उन को सौंप कर आरती उतारना चाहिए ।

तिलक का महत्व !(रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021)

ऐसा माना जाता है कि बहन के अंगूठे में अमृत होता है

और हल्दी और चूने के पानी से रोली य तिलक बना कर आज्ञा चक्र में भौहों के मध्य में जब तिलक किया जाता है,

तो उसमें ऊष्मा पैदा होती है जो तेज उत्पन्न करके आज्ञाचक्र को जाग्रत करती है ,

जो भाई के भाग्य को प्रबल करता है। अतः हल्दी, चूने का पानी व अष्टगन्ध युक्त तिलक करना चाहिये (रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021 )

अक्षत का महत्व !

अक्षत तिलक पर लगाने से भाई के भाग्य को अक्षत कर देता है।

इस प्रकार सौभाग्य के अमरत्व का वरदान या आशीर्वाद बहन, तिलक के रूप में अपने भाई को प्रदान करती है ।

रक्षा सूत्र कलाई में बांधकर आशीर्वाद प्रदान करती हैं ।

कलाई मुख्यतः शरीर के 2 अंगों को हथेली और बाहों को जोड़ने का काम करते हैं जिस पर रक्षा सूत्र बंधा जाता है।

रक्षा सूत्र का महत्व !(रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021)

व्यक्ति अपने हाथों से, अपनी उंगलियों से और अपने भुजाओं से शुभ कर्म को निरंतर करता रहे,

इसी कारण कलाई पर अत्यंत पवित्र मौली कलावा या रक्षा सूत्र, राखी बांध करके स्मरण दिलाया जाता है कि

आपको इन हाथों से शुभ कर्मों को निरंतर करते रहना है ।

और बहने ईश्वर से प्रार्थना करती हैं कि हमारे भाई के हाथ हमेशा शुभ कर्मों में प्रवर्त रहें।

मिठाई का महत्व ! (रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021 )

मिठाई खिलाने का तात्पर्य है कि भाई-बहन के प्रति आपस में मिठाई की तरह ही मधुरता व्याप्त रहे।

इसके बाद भाई की आरती उतारी जाती है ।

आरती का महत्व ! भाई की आरती क्यों उतारते हैं !(रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021)

आरती की थाल में समस्त शुभ और पवित्र चीजें जैसे अक्षत, पुष्प, रोली, राखी, जल पात्र, मिठाई का एक टुकड़ा

रख कर ही आरती की थाल में आरती की जानी चाहिए।

आरती हमेशा शुद्ध घी और रुई कपास के रुई से बत्ती बनाकर की जानी चाहिए।

रुई की बत्ती हमेशा विषम संख्या 3 , 5 , 7 में होना चाहिए।

इस प्रकार आरती बनाकर घी में डुबोकर उससे आरती की जानी चाहिए क्योंकि घी और कपास परम् पवित्र होता है । (रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021)

इस तरह जैसी बत्ती में घी से स्निग्धता रहेगी, ऐसी ही भाई-बहन के बीच जीवन भर बनी रहे,

ऐसी कामना के साथ ही बत्ती तैयार की जानी चाहिए, तत्पश्चात उससे आरती की जाती है ।

जब हम ज्योति जलाते हैं तो उस ज्योति में दिव्य शक्तियां आकर्षित होती हैं

और वह दिव्य शक्तियां हमारे आवाहन के द्वारा आरती में उपस्थित होकर भाई को परम तेजोमय बनाकर

अपना आशीर्वाद देती हैं और भाई के जीवन में चारों समृद्धि को और शुभ फलों को बढ़ाने वाली होती है

इसलिए इस प्रकार आरती करके इस त्यौहार को पूर्णता प्रदान की जाती है ।रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021

अंत में

भाई को राखी बांधने के पश्चात आप अपने घर के समस्त वाहन या निरंतर उपयोग में आने वाले

इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स को भी अपने घर के पेड़ पौधों में , उद्यान में 1 – 1 राखी या रेशमी रक्षा सूत्र अवश्य रखें ।

इस प्रकार रखने से उस स्थान की जो देवता होते हैं वह भी आप पर प्रसन्न होकर आपको आशीर्वाद प्रदान करते हैं

और आपकी रक्षा का दायित्व लेते हैं । इस प्रकार आप अपने चारों ओर एक रक्षा का कवच तैयार कर लेते हैं।

यह अत्यंत ही भावनात्मक त्योहार है और इसको भावपूर्ण ढंग से ही मनाया जाना चाहिए, तभी इसकी सार्थकता होती है । (रक्षाबंधन 22 अगस्त 2021)

अंत में आप सभी को रक्षाबंधन की अनेक शुभकामनाएं।
http://Indiantreasure. in

https://navbharattimes.indiatimes.com/state/rajasthan/jaipur/mahurat-timing-raksha-bandhan-in-rajasthan-this-time-on-great-coincidence-made-after-474-years/amp_articleshow/85509809.cms

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