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दीपावली ;2020 व सम्बंधित उपाय! Deepawali; 2020 and related solution!

महालक्ष्मी उपासना का पर्व दीपावली 2020; व सम्बंधित कथाएं व माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने सरल से उपाय जानिए !
भारतीय पद्धति के अनुसार प्रत्येक पूजा , व्रत व त्यौहार में अधिभौतिक, आध्यात्मिक व आधिदैविक तीनो प्रकार का समावेश होता है।
मान्यता अनुसार आज के दिन माँ लक्ष्मी की सोने, चांदी व सिक्कों रुपयों आदि के रूप पूजा की जाती हैं।
जो अधिभौतिक लक्ष्मी का आधिदैविक लक्ष्मी से सम्बंध होना बताता है।
इसी प्रकार सम्पूर्ण घर की साफसफाई कर घर को शुद्ध व पवित्र करना ,व दीपक जलाकर रोशनी करना,
ये सभी कार्य माता लक्ष्मी के आध्यात्मिक स्वरूप को आकर्षित करने के लिए किए जाते हैं।
इस प्रकार इस उत्सव में माँ भगवती के तीनों प्रकार (अधिभौतिक, आधिदैविक व आध्यात्मिक) से पूजा हो जाती है।
आज के दिन प्रमुखतः श्रीलक्ष्मी गणेश की पूजा की जाती है। असंख्य दीपमाला से घरों में रोशनी की जाती है।
जिनका वैज्ञानिक दृष्टि भी बड़ा महत्व है। चतुर्मास के संचित कीटाणु पूर्णतया मर नही पाते हैं।
अतः तेल और घी के असंख्य दीपों के जलने से सारे किट पतंगे रोशनी में आकृष्ट होकर मर जाते हैं।
इसीलिए दीपावली में दीप जलाना शुभ माना जाता है, क्योंकि स्वास्थ्य रक्षा भी होती है।

किसी भी पूजा की तैयारी कैसे करें ?

माँ लक्ष्मी को आकर्षित करने वाले उपाय उपाय!Remedy that attracts Maa Lakshmi!

मान्यता है कि माँ लक्ष्मी अपनी पति श्री विष्णु जी से 12 दिन पहले जागती हैं।
अतः लक्ष्मी प्राप्ति के इक्छुक गृहस्थों को आज के दिन माता की विविध प्रकार से पूजन कर निम्न उपाय करने चाहिए!
  • आज स्त्रियों को हाथ मे दीपक लेकर माँ लक्ष्मी को निम्न मंत्र बोलकर जगाना चाहिए।

त्वं ज्योति: श्री रविचन्द्रों, विद्यात्सौवर्ण तारका:।

सर्वेषां ज्योतिषां ज्योतिर्दीप ज्योति: स्थिते: नम:।।

अर्थात हे दीपज्योति में रहने वाली कमले! आप ही ज्योतिरूप हैं, लक्ष्मी हैं, सूर्य, चन्द्र ,तारे व सुवर्ण हैं।
सब ज्योतियों की ज्योति आप ही हैं आपको नमस्कार है।इस प्रकार माता आवाहन कर सायंकाल में माता को भोग लगाएं।
  • लोक मान्यतानुसार आज के दिन आंखों में काजल लगाया जाता है। जो इस दिन सरसों तेल या घी के दीपक से तैयार किया जाता है।
  • दीपावली रात्रि की ब्रम्हबेला में अर्थात दूसरे दिन स्त्रियां सूप पीटकर दरिद्रता भगाती हैं।
  • अर्थात लक्ष्मी का वास तथा दुःख व दरिद्रता का नाश हो।
  • माता की पूजा में मखाना, लाई, खड़ी धनिया आदि समर्पित करने से भगवती प्रसन्न होती है।
  • लाल पुष्प व कमल पुष्प माता को अत्यंत प्रिय हैं। अतः पूजा में लाल फूल अवश्य रखें।
  • आज के दिन माता रानी के लिए एक सूप में समस्त सुहाग सामग्री लाल साड़ी लाल चूड़ी ,सिंदूर, आलता आदि सजाएं।
  • ततपश्चात माता को समर्पित कर, उपरोक्त सामग्री किसी पुरोहित की पत्नी के निमित्त भेंट करें।
  • माना जाता है कि यह भेंट माता ग्रहण करती है। अतः माता को स्मरण करते हुए उपरोक्त दान करें।

इस प्रकार विधिवत श्रद्धा व भक्ति से पूजा कर माता को प्रसन्न कर आरती करें।

पूजा में आरती कैसे करें ! आरती का महत्व व विधि! माँ अम्बे जी की आरती!

माँ लक्ष्मी जी की आरती !


जय माँ लक्ष्मी
  • ओम जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता
  • तुमको निशदिन सेवत हर विष्णु विधाता ।
  • ओम जय लक्ष्मी माता
  • उमा रमा ब्रह्माणी तुम ही जग माता
  • सूर्य चंद्रमा ध्यावत नारद ऋषि गाता
  • ओम जय लक्ष्मी माता
  • दुर्गा रूप निरंजनी सुख संपति दाता ।
  • जो कोई तुमको ध्याता,रिद्धि सिद्धि धन पाता।
  • ओम जय लक्ष्मी माता
  • तुम पाताल निवासिनी तुम ही शुभदाता,
  • कर्म प्रभाव प्रकाशिनि भव निधि की त्राता।
  • जय लक्ष्मी माता
  • जिस घर में तुम रहती सब सद्गगुण आता,
  • सब संभव हो जाता मन नहीं घबराता ।
  • ओम जय लक्ष्मी माता
  • तुम बिन यज्ञ ना होवे वस्त्र न् कोई पाता,
  • खान पान का वैभव सब तुमसे आता।
  • ओम जय लक्ष्मी माता
  • शुभ गुण मंदिर सुंदर क्षीरोदधि जाता ,
  • रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं पाता।
  • ओम जय लक्ष्मी माता
  • महालक्ष्मी जी की आरती जो कोई नर गाता
  • उर आनंद समाता, पाप उतर जाता।
  • ओम जय लक्ष्मी माता
  • जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता
  • तुमको निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता।
  • ॐ जय लक्ष्मी माता।

✍️ श्रीमती रेखा दीक्षित, सहस्त्रधारा रोड देवदर्रा मण्डला

? यह आलेख पूर्णतः मौलिक व स्वरचित है।

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