गंगाजल कहां रखना चाहिए ? जानिए महत्व व उपाय ! Total Post View :- 1911

गंगाजल कहां रखना चाहिए ? जानिए महत्व व उपाय !

गंगाजल कहां रखना चाहिए जानिए इसका महत्व और उपाय ! गंगाजल को कभी भी अंधेरे व अपवित्र स्थान में नहीं रखना चाहिए। हमारा देश धार्मिक आस्थाओं का केंद्र है यहां सभी धर्मों के लोग एक दूसरे के धर्म को मानते हैं तथा सभी धर्मों की पूज्य वस्तुओं की पूजा भी करते हैं। हिंदुओं के परम पवित्र व पूजनीय वस्तु में से एक है गंगाजल ।

लगभग सभी के घर में गंगाजल रखा जाता है तथा विशेष अवसरों पर उपयोग भी किया जाता है। गंगानदी पवित्र सात नदियों में से एक है। यह पाताल, देवलोक और पृथ्वी पर (तीनों स्थानों पर ) बहती हैं इसीलिए इसे त्रिपथगा कहते हैं। हिंदुओं में गंगा को नदी नहीं वरन गंगा मां और गंगा देवी के रूप में पूजा जाता है।

यदि आपने भी गंगाजल अपने घर में रखा हुआ है तो इससे रखने व इसके उपयोग करने का तरीका तथा गंगा जल के महत्व के बारे में आज हम चर्चा करेंगे। अतः इसे अवश्य पढ़ें क्योंकि गंगाजल के रखरखाव में की गई जरा सी असावधानी आपके घर में नकारात्मकता को जन्म दे सकती है।

गंगाजल का इतिहास!

  • हमारे शास्त्रों और पुराणों में गंगा जी को देवी और मां के स्वरूप में पूजा जाता है । गंगाजल का इतिहास निम्न है ।
  • इनका प्रतीक एक पवित्र कलश होता है। यह पिता हिमवान और मां मैनावती की पुत्री है।
  • तथा इनकी छोटी बहन माता पार्वती और बड़े भाई भगवान विष्णु है।
  • माता गंगा के पति शांतनु और पुत्र भीष्म पितामह थे।
  • मकर की सवारी करने वाली माता गंगा की पवित्र तिथियों गंगा दशहरा, गंगा सप्तमी और गंगा जयंती के दिन
  • विशेष पूजा की जाती है। इस दिन गंगा मैया की आरती व पूजा की जाकर माता को चुनरी भेंट की जाती है।

गंगा मैया की उत्पत्ति !

  • पुराणों में गंगा मैया की उत्पत्ति के संबंध में अनेकों कथाएं बताई गई हैं !
  • जिनमें राजा सगर के पुत्रों की मुक्ति हेतु राजा सगर के पौत्र भागीरथ के द्वारा की गई तपस्या से भगवान शिव की
  • जटाओं पर गंगा जी अवतरित हुई थी । उसके बाद शिव की जटाओं से 7 धाराओं के रूप में फूट कर निकली थीं।
  • गंगा जी भागीरथ के पीछे चलते चलते सगर के पुत्रों को मुक्त करती हुई धरती पर बह चली थी।
  • वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा जी का जन्म माना जाता है।
  • यह भी मान्यता है कि इसी दिन भागीरथ ने गंगा जी को पृथ्वी पर लाया था।
  • इस दिन गंगा मैया में तर्पण करने से पितरों को मुक्ति मिलती है।
  • भागीरथ ने भी इसी दिन अपने पितरों का तर्पण किया था।

गंगाजल की विशेषता या गुण !

  • परम पवित्र गंगाजल कभी भी किसी भी स्थिति में अपवित्र नहीं होता है।
  • इसमें रोगाणु और बैक्टीरिया को समाप्त करने का विशेष गुण होता है।
  • गंगाजल की यह विशेषता है कि इसमें सर्वाधिक मात्रा में ऑक्सीजन पाई जाती है।
  • यह इतना शुद्ध और पवित्र होता है कि वर्षों तक स्टोर करके रखने पर भी इसमें कभी कीड़े नहीं पड़ते ।
  • और ना ही इसमें से किसी भी प्रकार की दुर्गंध आती है।

गंगाजल के चमत्कार

  • अक्सर आपने देखा होगा कि आप जो गंगाजल गंगा मैया से लेकर आते हैं वह वर्षों तक उसी तरह बना रहता है।
  • गंगाजल के यह गुण किसी चमत्कार से कम नहीं है।
  • गंगाजल और सामान्य पानी के चमत्कारिक लक्षण आप स्वयं भी देख सकते हैं।
  • एक बर्तन में सामान्य पानी रखें और एक में गंगाजल रख कर देखें।
  • सामान्य पानी कुछ समय में वाष्पीकृत होकर सूख जाता है जबकि गंगाजल यथावत ज्यों का त्यों बना रहता है,
  • बल्कि उसकी मात्रा बढ़ जाती है।
  • मोक्ष पाने की इच्छा से गंगा किनारे बसे हुए लोग सभी दवाइयों से स्वयं को मुक्त करके ,
  • केवल गंगाजल पान और गंगा स्नान करते हैं जिससे वे सभी रोगों से मुक्त हो जाते हैं और दीर्घायु जीवन जीते हैं।
  • यह सब क्यों होता है इस पर आज तक शोध हो रहे हैं। अतः गंगाजल को कभी भी सामान्य जल ना माने।

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गंगाजल का क्या महत्व है !

गंगाजल को कहां नहीं रखना चाहिए !

  • हिंदुओं में गंगाजल को मां और देव के रूप में पूजा जाता है अतः इसे घर में सबसे पवित्र स्थान में रखना चाहिए ।
  • इसे कभी भी अंधेरे और बंद कमरे में नहीं रखना चाहिए।
  • जिस स्थान में इसे रखा जाए उस स्थान की प्रतिदिन साफ सफाई अवश्य होनी चाहिए।
  • तथा गंगाजल की प्रतिदिन पूजा भी की जानी चाहिए।
  • गंगाजल को कभी भी प्लास्टिक के बोतल या डिब्बे में नहीं रखना चाहिए। इसे एक बर्तन में रखा जाता है, जिसे गंगाजली कहते हैं।
  • जो आसानी से बर्तन दुकान में या ऑन लाइन भी प्राप्त की जा सकती है।
  • यह जल भगवान विष्णु के अंगूठे से निकला हुआ माना जाता है,
  • और भगवान शिव की जटाओं में इस का वास होता है ।
  • अतः यह परम पवित्र और पूजनीय होने के कारण इसको सम्मान पूर्वक घर में स्थान देना चाहिए।
  • गंगाजल का क्या और कितना अधिक महत्व है, यह आप जान चुके हैं।

गंगाजल को घर में कहां पर रखना चाहिए ?

  • घर का सबसे पवित्र स्थान पूजा कक्ष ही होता है। गंगाजल स्वयं देवी स्वरूप होता है।
  • किन्तु गंगाजल को घर में कहां पर रखना चाहिए, यह बात बहुत से लोग नहीं जानते ।
  • अतःआपको बता दें कि देवताओं का प्रिय होने के कारण इसे देवताओं के साथ पूजा कक्ष में रखना चाहिए।
  • गंगा जली को घर के मंदिर में ईशान कोण में रखा जाना चाहिए।
  • इस प्रकार गंगाजल की भी नियमित पूजा होती रहती है और देवता और पितर भी तृप्त होते रहते हैं।
  • गंगाजल से प्रतिदिन शिव अभिषेक एवं कृष्ण जी को स्नान कराना चाहिए।

गंगाजल के टोटके व उपाय !

  • साक्षात देव स्वरूप गंगाजल कई जन्मों के पुण्य के बाद ही उपलब्ध होता है ।
  • गंगाजल के बहुत से टोटके व उपाय भी किये जाते हैं।
  • 1- घर में कोई बीमारी लगातार चल रही हो तो बीमार व्यक्ति को नियमित गंगाजल का सेवन कराने से ,
  • और गंगाजल के छिड़काव से दवाइयां शीघ्र असर करती है व्यक्ति में सकारात्मक विचार उत्पन्न होने लगते हैं ।
  • जिससे वह शीघ्र स्वस्थ हो जाता है साथ ही गंगाजल के छिड़काव से और पीने से रोग के कीटाणु भी नष्ट होते हैं।
  • 2- घर के आस-पास या मुख्य द्वार पर प्रतिदिन गंगाजल के छिड़काव से नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं कर पाती।
  • अतः घर पर गंगाजल हो तो घर में प्रतिदिन अवश्य गंगाजल से छिड़काव करना चाहिए।
  • 3- भोजन बनाने के जल में कुछ बूंदें अवश्य गंगाजल की मिलाकर भोजन बनाना चाहिए।
  • 4- गंगाजल को पवित्र स्थान में रखकर प्रतिदन उसकी पूजा की जानी चाहिए।
  • 5- मृत्यु के समय जिस व्यक्ति के मुंह में गंगाजल डाला जाता है मान्यता के अनुसार उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  • 6- सभी समस्याओं का निदान गंगाजल से किया जा सकता है।
  • इसे अपने विवेक और श्रद्धा के अनुसार उपयोग करने से सकारात्मक परिणाम अवश्य प्राप्त होते हैं।

गंगाजल (कहां रखना चाहिए ) के फायदे !

  • जिस घर में गंगाजल होता है और उसकी पूजा होती है उस घर में नकारात्मकता कभी भी प्रवेश नहीं कर सकती।
  • सद्भावना और सदविचारों का लगातार आगमन होता रहता है।
  • घर के सभी सदस्य सुख पूर्वक रहते हैं तथा रोग, दुख, दारिद्र्य, कष्ट और बाधाएं जीवन में नहीं आने पाती।
  • बच्चे सदाचारी और सद्गुणी होते हैं।
  • घर में गंगाजल हो तो तमाम कमियों के बावजूद भी व्यक्ति संतुष्ट व सुखी जीवन व्यतीत करते हैं।
  • हमारे पुराणों और शास्त्रों में गंगाजल की अद्भुत महिमा बताई गई है। जिसका अंश भर भी हम नहीं जानते।
  • किंतु जो भी इसकी महिमा को जानते हैं वे आज भी गंगाजल की पवित्रता और उसके चमत्कारों को समझते हैं।
  • यह केवल आस्था और श्रद्धा का ही विषय है। आज तक विभिन्न वैज्ञानिक इस शोध में लगे हुए हैं।
  • किंतु इसकी महिमा को समझ पाना कठिन है। सभी आश्चर्यचकित हैं गंगाजल की विशेषताओं को जानकर।
  • गंगा जल से संबंधित अनेकों उपाय हमारे पूर्वजों द्वारा बताए गए हैं।
  • जिन टोटके और उपायों पर अमल करके लोग अपना हित साधन कर रहे हैं।
  • अब तक आप जान चुके हैं कि गंगाजल को कहां रखना चाहिए ।
  • अतः सावधान हो जाएं और यदि गंगाजल को आपने अपने घर पर उपेक्षित रखा हुआ है,
  • तो उसकी हिफाजत करें और लाभ उठाएं।
  • अन्य जानकारियों के लिए देखते रहे आपकी अपनी वेबसाइट http://Indiantreasure. in

https://www.punjabkesari.in/dharm/news/ganga-saptami-2019-993989

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