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कैसे लें अच्छी व गहरी नींद ?

क्या आप जानते हैं कि हम जीवन के 30 40 वर्ष केवल सोने में बिताते हैं ? और आश्चर्य की बात यह है कि उसके बाद भी 99 प्रतिशत लोग अनिद्रा से पीड़ित हैं !

आज इस लेख में आपकी इस समस्या का समाधान अत्यंत सरल तरीके से बताने जा रही हूँ। आप निश्चिन्त होकर अपनी नींद की गोलियां बाहर फेंक सकते।

अच्छी व गहरी नींद सोना कौन नहीं चाहता ! आपने महसूस किया होगा की 6 – 8 घंटे सोने के बाद भी शरीर और मन थका थका सा अनुभव करता है !

आपने यह भी अनुभव किया होगा कि कुछ लोग 3 घंटा 4 घंटा सो कर भी तरोताजा महसूस करते हैं !

ऐसे कौन से कारण हैं जो आपको व्यवस्थित वह गहरी नींद से वंचित करते हैं । बढ़ते कंपटीशन एवं आगे बढ़ने की होड़ में आप अपने लिए समय निकालना ही भूल जाते हैं ।

एकमात्र नींद का समय ही आपका अपना होता है जो आपके शरीर और मन को दुरुस्त करता है।

आज इस लेख में आप अच्छी तरह जान जाएंगे कि आपकी नींद के दुश्मन कौन हैं और मित्र कौन हैं ? और तब आप आप अच्छी व गहरी नींद सो पाएंगे ।

आज मैं आपको आपके नींद के बहुत अच्छे अच्छे मित्रों की जानकारी भी दूंगी जो मेरे अध्ययन एवं अनुभव पर आधारित होंगे ।

जिन पर आप पूरी तरह विश्वास कर सकते है और अपने जीवन मे अपना सकते हैं।

नींद क्या होती है ?

नींद दो प्रकार की होती है । एक मन की नींद और दूसरा शरीर की नींद । शरीर को तो आप सुला देते हैं लेकिन हमारा मन जागृत रहता है।

सोते समय यह शरीर दिन भर की भागदौड़ से हुई अंदरूनी टूटफूट व मानसिक आघातों से पहुची चोटों की दुरुस्ती करता है। जिससे आप दूसरे दिन पुनः तरोताजा महसूस करते हैं।

नींद कितने घण्टो की होनी चाहिए ?

आपको यह बता दूं कि नींद का कोई निश्चित समय नहीं होता । जिसका मन जितना थका हुआ होगा उसको विश्राम की उतनी ज्यादा जरूरत होगी , यही नींद का समय होता है।

क्योंकि नींद हमारे जीवन में हमारे मन को व्यवस्थित करने के लिए ही ली जाती है।

नींद क्यों नहीं आती ?

प्रश्न यह है कि नींद क्यों नहीं आती । इसे समझने के लिए आपको यूं समझना होगा की जिस प्रकार जब तक आपके सभी दैनिक कार्य पूर्ण नहीं हो जाते तब तक के नींद आती भी रहे तब भी आप सोते नहीं ।

उसी प्रकार मन है और मन का बहुत बड़ा नियंत्रण हमारे शरीर पर है और यही मन शरीर के सभी अंगों को निर्देशित भी करता है ।

1- मानसिक थकान

यही तो वह मन है जो आपके द्वारा जो दिन भर की सारी जानकारियां एकत्रित की गई हैं, उन जानकारियों को रात में संयोजित करता है ।

और मस्तिष्क में उन समस्त सूचनाओं को व्यवस्थित रूप से जमाता जाता है ।

जितनी ज्यादा जानकारियां आपके द्वारा इकट्ठा की जाती है, दिन भर में उतना ज्यादा कार्य मन् को मिल जाता है।

उन जानकारियों को व्यवस्थित करते-करते कब सुबह हो जाती है, इसका पता ही नहीं चलता और इसी कारण मन केवल जानकारियों को व्यवस्थित ही करता रहता है और आप उठ जाते हैं या शरीर उठ जाता है ।

दूसरे दिन पुनः उस अव्यवस्थित जानकारियों के साथ और बिना विश्राम के हुए मन के साथ आपके दूसरे दिन की शुरुआत होती है इसीलिए आप थका हुआ अनुभव करते हैं।

2- शारीरिक थकान

अगला कारण शरीर का भी होता है कि जब यदि आप दिन भर कुछ ना कुछ खाते रहते हैं तब भी नींद नहीं आती ।

आपके द्वारा खाए हुए भोजन को पचाने में शरीर को पूरे समय लगा रहना होता है और यह सारी क्रियाएं रात में सोने के समय ही अच्छी तरह से शरीर करता है ।

किंतु आपने दिन भर में इतना खाया कि वह शरीर को पचाने में पूरा रात निकल गई और फिर उस अनपचे भोजन के साथ और बिना विश्राम किए हुए शरीर के साथ आप सुबह उठते हैं ।

दूसरे दिन की फिर वही शुरुआत इन कारणों से सुबह रात भर 8- 8 घंटे सोने के बाद भी सुबह उठने पर हम थका हुआ सा अनुभव करते हैं।

3- मोबाईल चलाना

अब हमारा अगला दुश्मन है मोबाइल! जिस चीज को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हमने लिया था वह आज हमारे मन और शरीर का एक हिस्सा ( रोग ) बन चुका है।

आपने अनुभव किया होगा की कोई आवश्यकता ना होने पर भी आप अकेले व खाली होने पर तत्काल मोबाइल उठा लेते हैं ।

फिर उसमें जिन चीजों की आपके जीवन में कभी कोई आवश्यकता भी नहीं है उन चीजों को भी देखने सुनने पड़ने लगते हैं ।

और इस प्रकार हमारे मस्तिष्क में अनावश्यक जानकारियों का संग्रह करते जाते हैं जो हमारी स्वास्थ्य के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अर्थात नींद के लिए अत्यंत दुष्प्रभावी हैं।

4- मल्टी टास्किंग नेचर

क्या आप एक साथ कई कार्य करने की क्षमता रखते हैं ? यदि ऐसा है तो आपको इसमें खुश होने की आवश्यकता नहीं है !

मल्टी टास्कर न बने

क्योंकिआपकी यह क्षमता दूसरों के लिए तो भले ही सुखदाई हो सकती है किंतु आपके लिए यह अत्यंत दुखदाई योग्यता है ।

और यदि आप ऐसा करते हैं तो आज से इसी क्षण से इस आदत को छोड़ दें। एक समय में एक ही कार्य अपने शरीर और मन के योग के साथ करें ।

कभी भी पढ़ाई करते हुए गाना सुनना या नहाते हुए या अन्य कोई भी कार्य करते हुए गाना सुनना या एक कार्य के साथ दूसरा कार्य भी करते जाना यह सारी चीजें आपके मन को अतिरिक्त बोझ देती हैं ।

और आपके मन और शरीर की कार्य क्षमता को धीरे-धीरे समाप्त करती जाती हैं।

5- मन का अशांत रहना

मन का अशांत होना इन्हीं कारणों से सारे कार्य पूर्ण करने के बावजूद भी आपका मन अशांत होता है ।

क्योंकि आपके द्वारा किए गए किसी भी कार्य को मन के योग से अर्थात मनोयोग से नहीं किया गया तब ना तो उस कार्य में कुशलता दिखी ना ही उस कार्य से आप कोई अनुभव ही ले पाए।

क्योंकि आप केवल शरीर से कार्य करते रहें मन तो आपका संगीत मे रमा था और इसीलिए जब दोबारा आप कार्य करने जाएंगे तो आपको पुनः मन को कमांड देना होगा सिखाना होगा ।

यह जरूर है कि किसी भी कार्य को करते करते शरीर को भी अभ्यास हो जाता है तब बिना मन के भी शरीर उस कार्य को पूर्ण कर देता है ।

6- कार्य करते समय मन का अनुपस्थित होना

शरीर के प्रत्येक अंग एक दूसरे से जुड़े हुए हैं । मन और शरीर इनका भी आपस में संयोग है । जब आपका शरीर आपके मन से जुड़ा हुआ होता है तब इस शरीर की कार्य क्षमता देखते ही बनती है।

और आप इसी मनोयोग वाली स्थिति में दुनिया के कठिन से कठिन कार्य को भी आसानी और प्रसन्नता से कर पाते हैं।

किंतु यदि आपका मन और शरीर इन दोनों को अलग अलग कर दिया जाए तो आप किसी भी छोटे से छोटे कार्य को करने में भी सक्षम होंगे।

ऐसे बहुत से कारण हैं जिनके कारण आप अपनी नींद के स्वयं शत्रु बन जाते हैं।

गहरी नींद के फायदे

हालांकि फायदों के बारे में आप सभी जानते हैं क्योंकि आज 90 परसेंट लोग अनिद्रा के शिकार हैं बच्चे बूढ़े जवान विद्यार्थी कामकाजी घरेलू सभी बच्चे सभी लोग अनिद्रा से पीड़ित हैं ।

इसलिए उसके फायदे भी जाना हमें जरूरी है नींद को आप आवश्यकता समझते ही नहीं है नींद को तो आ जाएगी तो सो जाएंगे लेकिन इसके लिए हम कोई प्रयास नहीं करते ।

जबकि नींद ना आने के दुष्प्रभाव को आप सभी अच्छी तरह जानते हैं । हमारे शरीर में जितनी भी विकृतियां हैं मानसिक और शारीरिक उन सब के मूल में नींद का नहीं आना एक बहुत बड़ा फेक्टर है ।

आपने देखा होगा जितने भी मेडिकल ट्रीटमेंट होते हैं और उन में जो भी दवाइयां दी जाती हैं वह सारी नींद को लाती हैं उसके मूल में जाएं कोशिश कीजिए यह समझने के की नींद क्यों आती है।

क्योंकि नींद की अवस्था में हमारा शरीर हमें स्वयं को दुरुस्त करता रहता है । अंदर से जितनी भी टूट-फूट हुई रहती है उनको शरीर नींद की स्थिति में खुद से सुधरता है।

इसीलिए जब भी कोई बीमार व्यक्ति डॉक्टर के पास जाता है तो सबसे पहले डॉ उसको ऐसी दवाइयां लेते हैं जिनसे उनको नींद आती है ।

ताकि वह रेस्ट करें तो बॉडी और माइंड अपने कार्य अंदर से करें और उनकी बीमारियों को स्वयं दुरुस्त करते जाएं ।

इतना महत्व हमारे जीवन में नींद का है इसलिए नींद को जब आएगी तब सो जाएंगे ,ऐसी सोच के साथ यदि हम जीवन में अपनाते हैं तो हम बहुत गलत करते हैं।

नींद के महत्व को समझें नींद से हमारे पूरा शरीर दुरुस्त हो कर स्वस्थ रहता है हम बीमारियों से मुक्त रहते हैं ।

हमारा मन तीव्र गति से कार्य करता है और दुगनी क्षमता के साथ हम अपने कार्य को पूर्ण कर पाते हैं

अच्छी व गहरी नींद लाने के उपाय

आप जानते हैं अच्छी नींद लाने के लिए हमें क्या करना चाहिए ?

बिना दवाई और गोलियों के गहरी नींद सोने के लिए कुल पांच बातें यदि आप जीवन में अपना लें तो आप अनिद्रा से हमेशा के लिए मुक्त हो जाएंगे ।

1-कम देखें, कम बोलें, कम सुनें

कम देखें कम बोलें कम सुने इस सूत्र को आप अपने जीवन में उतारें ।

जितना कम आप बोलेंगे, जितना कम आप सुनेंगे, जितना कम आप देखेंगे उतनी कम आपके मस्तिष्क में जानकारियां इकट्ठी होंगी ।

और मन को उन जानकारियों को व्यवस्थित करने के लिए कम समय लगेगा और वह जल्दी ही विश्राम कर सकेगा , जिससे आपको समय पर अच्छी और गहरी नींद आ सकेगी ।

2- मल्टी टास्कर न बनें

एक समय में एक ही कार्य करें । जीवन मे बहुत सी तकलीफ तो सिर्फ इसी आदत के कारण होती है।

3- प्रत्येक कार्य मनोयोग से करें

प्रत्येक कार्य को पूर्णतः समर्पित होकर एवं मन लगाकर करने की आदत डालें । इससे भी मन को आपके द्वारा किए गए कार्य को समझने की समझने में आसानी होगी ।

और जब नींद में आपका मन उन कार्यों को व्यवस्थित करेगा तब उसे उन कार्यों की प्रकृति को समझने में दिक्कत नहीं होगी और समझी हुई चीजों को आसानी से व्यवस्थित किया जा सकता है ।

4- मोबाईल,, टीवी का सीमित उपयोग

अक्सर आप यह भी देखते होंगे की पूरा दिन मोबाइल में लोग व्यस्त रहते हैं , जिसकी कोई आवश्यकता ही नहीं है ।

क्या आप किसी व्यक्ति के साथ बैठकर पूरे दिन बातचीत कर सकते हैं ? नहीं ना !

तब फिर मोबाइल में पूरे दिन आप अकेले ही इतने सारे लोगों से बातचीत करते हैं , मेसेज भेजते हैं,जिनको शायद आप जानते भी नहीं हैं।

ऐसी स्थिति में सोचे कि आपने अपने मस्तिष्क को कितना बड़ा भार दिया है कि वह अब उन सूचनाओं को भी संयोजित करें , जिनकी आपको कोई आवश्यकता ही नहीं है ।

ऐसी स्थिति में मन का कार्य बड़ा कठिन हो जाता है और तब असमंजस की स्थिति में रात भर आपका मन आपके द्वारा बटोरी हुई चीजों को व्यवस्थित करने में जागता रहता है।

5- योगनिद्रा लें

इसे अवश्य सुनें??

योग निद्रा का अर्थ है कि ऐसी निद्रा जो ध्यान में परिवर्तित हो जाती है । व्यक्ति के जीवन में जितनी उसकी आयु है उतना उसको ध्यान अवश्य करना चाहिए ।

सोचिए यदि आप 4 घंटे की नींद लेते हैं या 8 घंटे की नींद लेते हैं और वह नींद यदि ध्यान में परिवर्तित हो जाए तो आपका प्रतिदिन का ध्यान 8 घंटे तक का हो सकता है और यह ध्यान आपके जीवन को कितना सार्थक करेगा , आप सोच भी नहीं सकते ।

इस लेख में बहुत ही आसान तरीके से योगनिद्रा को करने का तरीका मैंने बताया है उसे सुनकर और उससे करके आप यह अनुभव करेंगे की आपने जीवन में कितनी बड़ी चीज पाई है ।

बस आपको करना यह है की शाम को सोने के कम से कम एक घंटा पहले भोजन कर ले । भोजन हल्का होना चाहिए उसके पश्चात सोने का एक टाइम निश्चित करें । उस टाइम पर आप बिस्तर पर चले जाएं ।

इस ऑडियो को लगा ले और अब आप कमरे की लाइट बंद करें । सारे मोबाइल स्विच ऑफ कर दें ताकि कोई भी बाधा अब आपको नहीं आनी चाहिए ।

इस अवस्था में आपको हिलना डुलना भी नहीं है चादर ओढ़ ले ताकि ठंड लगेगी । आप अच्छी तरह से ध्यान में जा सके, इसलिए कमरे में अंधेरा होना चाहिए ।

इसके पश्चात अब आप इस ऑडियो को चलाएं व बताए अनुसार योग निद्रा का अभ्यास करें ।

8 घंटे के बाद आपके जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन आएगा और अनिद्रा तो जैसे जड़ से खत्म हो जाएगी और दूसरे दिन सुबह उठने के बाद आप अपने शरीर के प्रत्येक अंग में एक स्फूर्ति महसूस करेंगे ।

अभ्यास निरंतर करते रहने से आपका पूरा जीवन ही बदल जाएगा । सारी बीमारियां दूर हो जाएंगी । डिप्रेशन तनाव आत्मविश्वास में कमी कार्य क्षमता में कमी जैसी बातों से आप कोसों दूर पहुंच चुके होंगे और जीवन के ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे ।

कठिन से कठिन कार्य आपके लिए आसान हो जाएंगे अतः इसे अवश्य करें तथा लाभान्वित होने पर मुझे अपने विचार जरूर प्रेषित करें धन्यवाद
?यह आलेख पुुर्णतः मौलिक एवं स्वरचित है।

✍️श्रीमती रेखा दीक्षित एडवोकेट, सहस्रधारा रोड देवदर्रा, मण्डला

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7 thoughts on “कैसे लें अच्छी व गहरी नींद ?

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