किसे कौन सा व्रत करना चाहिए | Kise Kaun Sa Vrat Karana Chahiye Total Post View :- 129

किसे कौन सा व्रत करना चाहिए | Kise Kaun Sa Vrat Karana Chahiye

किसे कौन सा व्रत करना चाहिए ; भारत देश में व्रत-त्योहार का बहुत महत्व है विश्व भर के 12 महीनों में तरह-तरह के व्रत पढ़ते हैं। जिसे सभी आस्था के साथ मनाते हैं। हफ्ते के प्रत्येक दिन में पड़ने वाले व्रत भी सभी के द्वारा किए जाते हैं।

क्या आप जानते हैं कि आप को कौन सा व्रत करना चाहिए। आइए आज हम आपको बताएंगे कि किसे कैसे कौन सा व्रत करना चाहिए ।

रावण संहिता के अनुसार सप्ताह के 7 दिनों में अलग-अलग ग्रहों और देवी देवताओं की पूजा की जाती है , जिससे उनके शांति बनी रहती है ।

अन्यथा हमेशा ही किसी न किसी कारण से घर में कलेश उत्पन्न होना, बच्चों का बीमार होना, आपस में मतभेद होना आदि लक्षण पैदा हो जाते हैं।

किसे कौन सा व्रत करना चाहिए

रविवार का व्रत

  • रविवार का व्रत किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार से प्रारंभ करके 30 दिन अथवा 1 वर्ष तक करना चाहिए ।
  • इस दिन गुड गेहूं तथा भी का सेवन करना चाहिए नमक का त्याग करने से लाभ होता है ।
  • कुंडली में सूर्य दोष युक्त होने से रविवार का व्रत करना चाहिए ।
  • रविवार का व्रत करने से नेत्र पीड़ा से मुक्ति मिलती है तथा त्वचा रोग से भी मुक्ति होती है । सौभाग्य की वृद्धि होती है।
  • इस व्रत से रोगों से लड़ने की शक्ति भी प्राप्त होती है।

सोमवार का व्रत

  • यह व्रत किसी भी मास के शुक्ल पक्ष के प्रथम सोमवार से प्रारंभ करना चाहिए ।
  • व्रत कम से कम 10 सोमवार तक करने से अधिक लाभ होता है।
  • इस दिन दूध दही तथा सफेद पदार्थों का ही सेवन करना चाहिए ।
  • यदि चंद्रमा दोष युक्त है तब सोमवार का व्रत करना चाहिए सोमवार का व्रत मानसिक और शांति और संतान सुख देता है।

मंगलवार का व्रत

  • यह व्रत किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से प्रारंभ करना चाहिए।
  • मंगलवार का व्रत 21 अथवा 45 मंगलवार संख्या तक करना चाहिए।
  • इस व्रत में नमक का त्याग करना चाहिए।
  • यह व्रत मंगल और केतु ग्रह के दोष पूर्ण होने पर करना चाहिए।
  • उत्तम जीवन साथी की प्राप्ति, भय मुक्ति, ऋण मुक्ति, मान एवं भवन की प्राप्ति के लिए इस व्रत को किया जाता है।

बुधवार का व्रत

  • यह व्रत किसी भी मास के शुक्ल पक्ष के प्रथम बुधवार से प्रारंभ करना चाहिए।
  • इसे 21 अथवा 45 बुधवार की संख्या में करना चाहिए।
  • व्रत के दिन हरे मूंग एवं फल का सेवन अवश्य करना चाहिए।
  • उत्तम व उच्च शिक्षा एवं व्यापार वृद्धि के लिए बुधवार का व्रत सर्वोत्तम है।
  • बुध दोष युक्त होने पर बुधवार का व्रत किया जाना चाहिए।

गुरुवार का व्रत

  • यह व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के प्रथम बृहस्पतिवार से प्रारंभ करे।
  • सोलह बृहस्पतिवार अथवा 1 वर्ष तक इस व्रत को करना चाहिए।
  • इस व्रत में नमक नहीं खाना चाहिए।
  • व्रत के दिन पीला वस्त्र पहनना और पीली खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।
  • इस व्रत को करने से उत्तम विवाह होता है ।
  • इस दिन केले के वृक्ष में जल चढ़ा कर इसकी पूजा करें।
  • यह व्रत सुख समृद्धि एवं उत्तम संतान की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
  • गुरु दोष पूर्ण होने पर भी गुरुवार का व्रत करना चाहिए।

शुक्रवार का व्रत

  • यह व्रत किसी मास के शुक्लपक्ष के प्रथम शुक्रवार से प्रारंभ करके 21 अथवा 31 शुक्रवार तक करें ।
  • इस दिन श्वेत वस्त्र (सफेद कपड़े) पहने।
  • व्रत में दूध और चावल का सेवन करें और नमक का त्याग करें।
  • शुक्रवार का व्रत करने से सांसारिक सुख प्राप्त होता है और पारिवारिक कलह कम होता है।
  • शुक्र ग्रह अशुभ होने पर शुक्रवार का व्रत करना चाहिए।

शनिवार का व्रत

  • यह व्रत शुक्ल पक्ष के प्रथम शनिवार से प्रारंभ करके 21 व 31 शनिवार तक करना चाहिए ।
  • शनिवार को चीटियों के बिल पर आटा डालना और कबूतरों को दाना दाना विशेष लाभदायक होता है।
  • शनिवार के व्रत से शनि के साथ राहु की पीड़ा भी शांत होती है।
  • कारखाना में उत्तम कारोबार के लिए यह रामबाण व्रत है।
  • इस व्रत में शनिवार को उड़द तिल तथा केले का सेवन करना चाहिए ।

निष्कर्ष | किसे कौन सा व्रत करना चाहिए

अभी तक आपने, किसे कौन सा व्रत करना चाहिए के संबंध में रविवार से लेकर शनिवार तक 7 दिनों के व्रत के बारे में जाना। व्रत कब और कैसे करना चाहिए तथा इसके करने की विधि क्या है?

सभी बातों के बारे में आपने जानकारी हासिल की। आशा है आपको यह जानकारी भरा लेख अवश्य अच्छा लगा होगा।

अंत तक पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

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