कम खाना अधिक जीना : कहीं आप ओवरईटिंग तो नहीं करते ? Total Post View :- 2858

कम खाना अधिक जीना : कहीं आप ओवरईटिंग तो नहीं करते ?

नमस्कार दोस्तों ! आयुर्वेद का सिद्धांत है कम खाना अधिक जीना ! खाने से जितनी ज्यादा बीमारियां होती हैं उतनी बीमारी कम खाने से या भूखे रहने से नहीं होती। वैज्ञानिकों और चिकित्सकों के अनुसार हमें जितनी कैलोरी की आवश्यकता है हम उससे ज्यादा भोजन करते हैं। और यही कारण है कि 99 परसेंट व्यक्ति किसी न किसी बीमारी का शिकार होते हैं। जिसमें पेट से संबंधित समस्या ज्यादा पाई जाती है।

आज इसी समस्या का समाधान लेकर कम खाना और अधिक जीना के सूत्र पर अमल करते है। अधिक खाने की आदत अर्थात् ओवर ईटिंग से कैसे बचें इस संबंध में 5 टिप्स आपको बताएंगे जिन्हें अमल करके आप स्वस्थ और निरोगी हो जाएंगे। इसीलिए इस आर्टिकल को अंत तक अवश्य पढ़ें।

ओवर ईटिंग से बचने के तरीके!

1-भोजन में 6 रसों को शामिल करें !

  • अपनी भूख से थोड़ा कम खाने से उम्र बढ़ती है किंतु हम भूख से भी अधिक खा जाते है।
  • इसका कारण है कि हमारे भोजन में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है ।
  • जिससे हमारा मस्तिष्क भूख शांत होने का सिग्नल नहीं दे पाता। और हम खाते चले जाते हैं।
  • इससे बचने के लिए हमें अपने भोजन में 6 रसों को नियमित रूप से शामिल करना चाहिए।
  • वह रस है – खट्टा, मीठा, नमकीन, कड़वा, तीखा,कसैला । यह 6 रस भोजन में होंगे तो आप ओवर ईटिंग नहीं कर पाएंगे।

2- कम खाना अधिक जीना मंत्र को याद रखें।

  • भोजन करते समय हमेशा भूख से एक रोटी कम खाएं और अंत में गुड खा ले।
  • या मिर्च और चटनी को भोजन के साथ में रखें जिसे खाने से भूख शांत होती है।
  • इसके अलावा ब्रेकफास्ट के पहले फल खाएं और लंच के पहले सलाद खाने की आदत डालें।
  • इससे भोजन की मात्रा अपने आप कम हो जाएगी।
  • इन सब बातों के लिए कम खाना अधिक जीना मंत्र को हमेशा याद रखें कि कम खाने से आपकी उम्र बढ़ती है।

3- अन्न के अलावा अन्य चीजें भी भोजन में शामिल करें।

  • हमारे भोजन में ठोस आहार अर्थात अन्न की मात्रा ज्यादा होने से अधिक कैलोरी शरीर में पहुंचती है।
  • जिसे हजम करना कठिन हो जाता है फिर पूरे दिन सुस्ती और आलस्य आता रहता है।
  • क्योंकि हमारी सारी एनर्जी भोजन को पचाने में लगी रहती है। इसीलिए हल्का भोजन करना चाहिए।
  • हल्का भोजन करने के लिए भोजन के साथ में कुछ चीजें ऐड कर लेना चाहिए ।
  • जिससे अन्न की मात्रा अपने आप कम हो जाए। जैसे ब्रेकफास्ट में एक कटोरी दही आवश्यक रूप से लें।
  • लंच या दोपहर के भोजन के बाद छाछ या मट्ठा जरूर पिएं।
  • इसी प्रकार रात के भोजन अर्थात डिनर के 1 घंटे बाद एक गिलास दूध अवश्य पियें।
  • यह सारी चीजें पीने के यदि हम नियम बना लेते हैं तो हमें भोजन की मात्रा को कम करना होता है,
  • जिससे हम स्वस्थ और सुडौल हो जाते हैं ।

4-भोजन केवल एक बार ही थाली में परोसें ! अधिक जीना हो तो कम खाना खाएं !

  • बार बार भोजन परोस कर खाने से हम कितना खा जाते हैं यह याद ही नहीं रहता और ओवर ईटिंग हो जाती है।
  • स्वस्थ रहना है तो एक बार में ही अपनी थाली को परोस कर अलग हो जाएं।
  • मोबाइल, टीवी या किसी से बातचीत करना भी भोजन के समय बंद रखें।
  • पूरी तन्मयता के साथ धीरे-धीरे 15 मिनट तक अच्छी तरह चबाते हुए भोजन करें।
  • क्योंकि हमारा मस्तिष्क 15 मिनट भोजन चबाने के बाद ही पेट भरने का सिग्नल देता है।
  • जब हम जल्दी जल्दी खाते हैं तो मस्तिष्क को सिग्नल देने का वक्त होने के पहले ही आप बहुत सारा खा चुकते हैं।
  • दूसरा- भोजन के समय मौन रहने का नियम हमारे ग्रंथों में बताया गया है।
  • क्योंकि भोजन करते समय हमारी आहार नलिका का मुंह खुल जाता है और श्वास नलिका का मुंह बंद हो जाता है।
  • वहीं बात करते समय श्वास नलिका का मुंह खुल जाता है और आहार नलिका का मुंह बंद हो जाता है ।
  • यह क्रिया ऑटोमेटिक चलती रहती है।किंतु जब हम भोजन करते हुए बात भी करते जाते हैं ।
  • तो हमारे मस्तिष्क में कनफ़्यूजन पैदा होता है, जिससे हमारा मस्तिष्क सिग्नल नहीं दे पाता और हम ओवर ईटिंग कर जाते हैं।

5- दिनभर में पौष्टिक आहार ही खाएं!अधिक खाने से होने वाले नुकसान से बचें !

  • हमारे आस-पास खाने की इतनी सारी पौष्टिक चीजें हैं कि जिसे खाकर हम तृप्त भी हो सकते हैं ।
  • और स्वस्थ और सुडौल भी बने रह सकते हैं। अतः अपने खाने-पीने की आदतों में सुधार लाते हुए भूख लगने पर
  • फल, फलों का जूस, ड्राई फ्रूट आदि चीजों को खाएं जिससे शरीर में पोषक तत्व की पूर्ति हो और बार बार भूख ना लगे।
  • बार-बार खाना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता अतः तीन बार मे शरीर को संपूर्ण पोषण प्रदान करने की आदत डालें।
  • यह तीन बार- नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का भोजन होना चाहिए।
  • इस प्रकार भोजन के नियमों का पालन कर, अपनी ओवर ईटिंग की आदत को सुधार कर ही हम,
  • कम खाना और अधिक जीना आयुर्वेद के इस सूत्र को पा सकेंगे।

इस प्रकार आयुर्वेद के सूत्र कम खाना अधिक जीना को अपनाएं और स्वयं को परखे कि कहीं आप ओवर ईटिंग का शिकार तो नहीं है। यह आर्टिकल निश्चित रूप से इससे बचने में आपकी मदद करेगा। प्रस्तुत जानकारी आपको अच्छी लगे तो इसे अवश्य शेयर करें और ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए देखते रहे आपकी अपनी वेबसाइट

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