एलोपेसिया एरीटा क्या है ; बाल झड़ने की बीमारी गंजापन या इंद्रलोप का इलाज कैसे करें ! Total Post View :- 3054

एलोपेसिया एरीटा क्या है ; बाल झड़ने की बीमारी गंजापन या इंद्रलोप का इलाज कैसे करें !

एलोपेसिया एरीटा क्या होता है, इसके लक्षण क्या है, और यह कैसे होता है, इसमें क्या खान-पान रखना चाहिए, तथा इसका इलाज क्या है । इन सभी प्रश्नों के समाधान इस आर्टिकल में आप पाएंगे।

मुझे बहुत खुशी होती है जब आपके द्वारा मुझसे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कहा जाता है । मैं कोई चिकित्सक तो नहीं हूं, लेकिन मेरे व्यक्तिगत अनुभव एवं आयुर्वेद का अध्ययन ही मुझे इसके उत्तर देने में प्रेरित करता है । यह समस्या भी मेरे प्रिय पाठक की ओर से ही मुझे प्रेषित की गई है । तो आइए जानते हैं एलोपेसिया एरिटा के बारे में समस्त जानकारी ;

एलोपेसिया अरेटा क्या होता है !

  • एलोपेसिया अरेटा बाल झड़ने की बीमारी है।
  • जिसमें सिर के बाल कहीं कहीं से गोल पैच के रूप में निकलने लगते हैं ।
  • इसका दूसरा रूप में यह शरीर मे भी कई हिस्सों से गोल गोल आकार से बाल निकलने लगते हैं।
  • यह बीमारी अनुवांशिक भी होती है। और शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण भी यह पाई जाती है।
  • तथा इसका संक्रमण भी होता है।

एलोपेसिया कैसे होता है !

  • जैसे कि ऊपर बताया कि यह एक अनुवांशिक बीमारी होती है। परिवार में किसी को होने पर यह ट्रांसफर हो जाती है।
  • लेकिन इसके साथ साथ इसका संक्रमण भी बहुत तेजी से होता है।
  • दूसरों की कंघी और तौलिया यूज़ करने के कारण भी यह बीमारी हो जाती है।
  • इसमें सिर से बाल झड़ने लगते हैं तथा यह गुच्छों में गोल आकार में निकलते हैं।
  • आयुर्वेद में इसे इंद्रलोप भी कहते हैं।

एलोपेसिया एरीटा का इलाज !

  • वैसे तो डरमेटोलॉजिस्ट के द्वारा विशेष जांच उपरांत इसका इलाज प्रारंभ करा सकते हैं।
  • किंतु आयुर्वेदिक उपचारों से भी इसे सुधारा जा सकता है।
  • आयुर्वेद में इसके उपचार के लिए कौड़ी का उपयोग किया जाता है ।
  • इसमें 5-7 कौड़ी को एक कांच की बोतल में रखकर उसमें नींबू का रस भर के 7 दिन के लिए रखें ।
  • कौड़ी के डूबने तक नींबू का रस भरना चाहिए।
  • नींबू का रस डालने के कारण 7 दिनों में कौड़ी पूरी तरह पिघल जाती है और पेस्ट के रूप में यह तैयार हो जाता है।
  • इसे प्रभावित स्थान पर कम से कम 21 दिन तक प्रतिदिन लगाने के बाद यह रोग समाप्त होने लगता है।

एलोपेसिया में खानपान एवं परिचर्या या देखभाल कैसे करें !

  • कौड़ी का पेस्ट लगाने एवं एलोपेसिया से छुटकारा पाने के लिए विशेष सावधानी रखनी होती है ।
  • तथा कुछ आयुर्वेदिक नियमों का पालन भी करना चाहिए।
  • क्योंकि आधा अधूरा प्रयोग करने से फायदा नहीं मिल पाता है।
  • आयुर्वेद में प्रत्येक बीमारी को ठीक करने का एक मूल मंत्र भोजन में नियंत्रण है।
  • सही समय में, सही मात्रा में किया गया पोषक और सुपाच्य आहार ग्रहण करना चाहिए ।
  • शरीर में पानी की मात्रा का भी ध्यान रखें ।
  • इलाज के समय में किसी भी शैंपू का यूज बालों में ना करें। बाल धोने के लिए मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करना चाहिए।
  • तेल भी घर में बना करके ही लगाएं ।

एलोपेसिया एरीटा का इलाज कैसे करें ! ( प्रथम स्तर – तैयारी )

  • इसका इलाज 21 दिनों के लिए प्रारंभ कर दें । जिसके लिए ऊपर बताया गया कौड़ी का पेस्ट तैयार कर लें।
  • घर पर ही नारियल तेल या तिल के तेल में भृंगराज की पत्तियों को पीसकर तब तक उबालें जब तक भृंगराज का पेस्ट काले रंग का ना हो जाए ।
  • ठंडा होने पर इसे छानकर एक बोतल में भरकर रख लें।
  • मुल्तानी मिट्टी को भी मिक्सी में पीसकर बारीक पाउडर बनाकर रख लें।
  • बालों में लगाने का एलोवेरा जूस या घर पर ही तैयार पौधों को शामिल करें।
  • अब हमारी सारी तैयारी हो चुकी है और एलोपेसिया के चिकित्सा करने के लिए हम पूरी तरह तैयार हो चुके हैं।
  • सबसे पहले शैंपू को हाथ भी ना लगाएं और अपने डेली रूटीन से इसे बिल्कुल अलग कर दें।

एलोपेसिया एरीटा का इलाज ( दूसरा स्तर ) !

  • मुल्तानी मिट्टी के पाउडर को पानी में अच्छी तरह घोल कर उसे बालों में लगाएं ।
  • और 5 मिनट तक हल्के हाथों से मालिश करते हुए बालों को अच्छी तरह पानी से धो लें।
  • अब एलोवेरा जूस या ताजे एलोवेरा के पत्तों से निकाले हुए जेल का रस बनाकर बालों में कंडीशनर की तौर पर लगाते हुए सिर की 5 मिनट मालिश करें।
  • इसके बाद घर पर ही तैयार किया हुआ भृंगराज के तेल से सर पर 10 मिनट तक हल्के हाथों से मालिश करें।
  • मालिश करने के बाद कौड़ी के पेस्ट को प्रभावित स्थान पर अच्छी तरह लगाले।
  • इसे कम से कम 2 से 3 घंटे तक लगा रहने दें।
  • इसी प्रक्रिया को 21 दिन तक लगातार करते रहने से एलोपेसिया एरिटा पूर्णतः समाप्त हो जाता है।
  • इस इलाज को करते समय किसी अन्य औषधि या चीजों को बालों पर इस्तेमाल ना करें।

एलोपेसिया एरीटा का इलाज में योगासन क्या करें !( तीसरा स्तर )

  • एलोपेसिया में दिनचर्या को नियंत्रित करते हुए अपने लाइफस्टाइल में योगासन को अवश्य शामिल करें।
  • इसमें प्रमुख है कपालभाति जो कम से कम प्रतिदिन 15 से 20 मिनट तक अवश्य करना चाहिए।
  • इसके करने से यह शरीर के समस्त विषैले तत्वों को बाहर निकाल देती है।
  • और हमारे पाचन तंत्र को सही रखती है जिससे हमारे द्वारा खाया हुआ भोजन हमें पर्याप्त पोषण प्रदान करता है।
  • दूसरा है सर्वांगासन ; इसके करने से शरीर में रक्त का संचार होता है जिससे नए बालों के उगने में बहुत मदद मिलती है।
  • किसी भी बीमारी के ठीक होने में हमारी मानसिक स्थिति का बहुत बड़ा हाथ होता है ।
  • अतः किसी भी प्रकार के तनाव से स्वयं को दूर रखें।
  • और अपनी बीमारी को दूर करने की सकारात्मक सोच को अपने में उत्पन्न करें ।
  • हमारा खान-पान हमारी दिनचर्या ही हमारी बीमारियों का कारण होती है
  • और निश्चित ही इसे ठीक करने पर हम 90 परसेंट बीमारियों का स्वयं इलाज कर सकते हैं।
  • हमारी सकारात्मक सोच ही हमारे अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।
  • जिससे हमें अपने भीतर हो रही बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है ।
  • अब आप एलोपेसिया एरीटा क्या है व इसका इलाज जान चुके हैं।
  • अतः अपने डॉक्टर स्वयं बने और स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें देखते रहें आपकी अपनी वेबसाइट
  • http://Indiantreasure. in

एलोपेसिया एरीटा क्या है ; बाल झड़ने की बीमारी गंजापन या इंद्रलोप का इलाज कैसे करें ! मैं रोग से संबंधित सारी जानकारी देने का मैंने पूरा प्रयास किया है आशा है नियमित रूप से निरंतरता और विश्वास के साथ किए जाने से यह निश्चित रूप से आप इस रोग पर विजय पा लेंगे। जानकारी को शेयर अवश्य करें जिससे सभी इसका लाभ पा सके।

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